नाग पंचमी 2026 — उज्जैन में पूजा

उज्जैन में नाग पंचमी 17 अगस्त 2026, सोमवार को है। इसी दिन नागचंद्रेश्वर मंदिर 24 घंटे के लिए खुलता है। 2027 में नाग पंचमी 6 अगस्त, शुक्रवार को पड़ेगी।

नाग पंचमी सर्प देवताओं की आराधना का पर्व है और सावन शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। उज्जैन में यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर वर्ष में केवल एक बार खुलता है। कालसर्प दोष निवारण के लिए यह वर्ष का सबसे उपयुक्त दिन माना जाता है।

नाग पंचमी 2026

तिथि पंचांग के अनुसार है और भीड़ का अनुमान मंदिर प्रशासन की समाचार रिपोर्ट पर आधारित है। कृपया मंदिर की आधिकारिक घोषणा से पुष्टि करें।

उज्जैन में नाग पंचमी का महत्व

नाग पंचमी पर देशभर में सर्प देवताओं की पूजा होती है, परंतु उज्जैन में इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर केवल इसी दिन दर्शन हेतु खुलता है।

2026 में यह दिन सावन की तीसरी सवारी के साथ पड़ रहा है, जिससे भीड़ सामान्य से कहीं अधिक रहने की संभावना है।

कालसर्प दोष और नाग पंचमी

जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष होता है, उनके लिए नाग पंचमी वर्ष का सबसे उपयुक्त दिन माना जाता है। उज्जैन कालसर्प दोष निवारण पूजा के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।

इस दिन कालसर्प दोष पूजन के अतिरिक्त रुद्राभिषेक और महा मृत्युंजय जाप भी कराए जाते हैं।

बिना उज्जैन आए पूजा कराना

नाग पंचमी पर उज्जैन पहुँचना कठिन होता है क्योंकि दर्शन की कतार बहुत लंबी रहती है। यदि आप यात्रा नहीं कर सकते, तो पूजा आपके नाम, गोत्र और संकल्प के साथ कराई जा सकती है।

बुकिंग निःशुल्क है — आप केवल दक्षिणा सीधे पुजारी को देते हैं।

बुकिंग कब करें

नाग पंचमी वर्ष की सबसे व्यस्त तिथियों में से एक है। कम से कम दो सप्ताह पहले बुकिंग करना उचित रहता है, विशेषकर कालसर्प दोष पूजन के लिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाग पंचमी 2026 कब है?

नाग पंचमी सोमवार, 17 अगस्त 2026 को है। इसी दिन सावन की तीसरी सवारी भी निकलेगी।

नाग पंचमी 2027 कब है?

नाग पंचमी शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 को पड़ेगी। तिथि पंचांग के अनुसार है; समय आने पर मंदिर की आधिकारिक घोषणा से पुष्टि कर लें।

नाग पंचमी पर कौन सी पूजा कराई जाती है?

कालसर्प दोष पूजन इस दिन सबसे अधिक कराया जाता है। इसके अतिरिक्त रुद्राभिषेक और महा मृत्युंजय जाप भी प्रचलित हैं।

क्या नागचंद्रेश्वर मंदिर केवल इसी दिन खुलता है?

हाँ। यह मंदिर वर्ष में केवल नाग पंचमी को, मध्यरात्रि त्रिकाल पूजा के बाद 24 घंटे के लिए खुलता है।

क्या दूर से पूजा कराई जा सकती है?

हाँ। पुजारी आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर अनुष्ठान सम्पन्न करते हैं और आपको ईमेल पर पुष्टि मिलती है।