सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, और उज्जैन में यह वर्ष का सबसे बड़ा अवसर होता है। इस माह में महाकालेश्वर मंदिर में रुद्राभिषेक और जलाभिषेक कराने वाले भक्तों की संख्या सबसे अधिक रहती है। यदि आप स्वयं उज्जैन नहीं पहुँच सकते, तो आप अपने नाम और गोत्र से पूजा ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।
तिथियाँ पंचांग एवं समाचार रिपोर्ट के अनुसार हैं। यात्रा की योजना बनाने से पहले कृपया मंदिर की आधिकारिक घोषणा से पुष्टि कर लें।
महाकालेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, और उज्जैन में भगवान महाकाल को नगर का राजा माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को बाबा महाकाल पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं — इसे सवारी कहते हैं।
सावन की अंतिम सवारी, जिसे शाही सवारी कहा जाता है, सबसे भव्य होती है और इसमें लाखों भक्त सम्मिलित होते हैं। इसी कारण सावन में मंदिर परिसर में भीड़ वर्ष भर में सबसे अधिक रहती है।
सावन में सबसे अधिक कराई जाने वाली पूजाएँ ये हैं:
यदि आप दूर रहते हैं या इस वर्ष यात्रा नहीं कर सकते, तो पूजा आपके नाम, गोत्र और संकल्प के साथ कराई जा सकती है। आपको केवल अपना विवरण और तिथि चुननी होती है; शेष व्यवस्था पुजारी करते हैं।
बुकिंग हमारे माध्यम से पूर्णतः निःशुल्क है — कोई बुकिंग शुल्क नहीं, कोई सेवा शुल्क नहीं। आप केवल दक्षिणा सीधे पुजारी को देते हैं।
सावन सोमवार वर्ष के सबसे व्यस्त दिन होते हैं। हम कम से कम 7 से 10 दिन पहले बुकिंग करने की सलाह देते हैं ताकि आपके लिए पुजारी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
शाही सवारी वाले दिन भीड़ सर्वाधिक होती है — उस तिथि के लिए यथासंभव जल्दी बुकिंग करें।
हाँ। पूजा आपके नाम, गोत्र और संकल्प के साथ पुजारी द्वारा सम्पन्न की जाती है। बुकिंग के बाद आपको ईमेल पर पुष्टि प्राप्त होती है।
रुद्राभिषेक सावन की सबसे प्रचलित पूजा है। यदि समय सीमित हो तो लघु रुद्राभिषेक कराया जा सकता है, और स्वास्थ्य संबंधी कामना हेतु महा मृत्युंजय जाप उपयुक्त रहता है।
हाँ, परंतु उन दिनों भीड़ अत्यधिक रहती है। इसलिए सवारी वाले सोमवार के लिए पहले से बुकिंग कर लेना आवश्यक है।
बुकिंग निःशुल्क है। हम कोई शुल्क नहीं लेते — आप केवल पूजा दक्षिणा सीधे पुजारी को देते हैं।