उज्जैन का सिंहस्थ कुंभ 2028 में 27 मार्च से 27 मई तक प्रस्तावित है। तीन प्रमुख शाही स्नान 9 अप्रैल, 23 अप्रैल और 8 मई 2028 को बताए गए हैं। यह हर 12 वर्ष में एक बार आता है — पिछला सिंहस्थ 2016 में हुआ था।
सिंहस्थ नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यह पर्व तब होता है जब बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं। उज्जैन में यह क्षिप्रा नदी के तट पर होता है और देश के चार कुंभ स्थलों में से एक है। 2028 का आयोजन दो महीने का होगा, जबकि 2016 का सिंहस्थ लगभग एक महीने का था।
ये तिथियाँ सार्वजनिक रूप से प्रकाशित जानकारी पर आधारित हैं। पर्व स्नान की पूरी सूची और घाटों की व्यवस्था जिला प्रशासन एवं अखाड़ा परिषद द्वारा आयोजन के निकट अधिसूचित की जाती है, इसलिए यात्रा तय करने से पहले शासकीय घोषणा देख लें। इस पृष्ठ को हम अद्यतन करते रहेंगे।
कुंभ चार स्थानों पर होता है — प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन। उज्जैन का कुंभ सिंहस्थ कहलाता है, क्योंकि इसका निर्धारण बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश से होता है।
उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का नगर है और क्षिप्रा के तट पर स्थित है। सिंहस्थ के दौरान यहाँ स्नान, दान और महाकाल दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है।
शाही स्नान वे दिन हैं जब अखाड़े अपनी परंपरागत शोभायात्रा के साथ घाट पर स्नान करते हैं। भीड़ इन्हीं दिनों सबसे अधिक रहती है।
पर्व स्नान अन्य शुभ तिथियाँ हैं जिनका धार्मिक महत्व समान माना जाता है, परंतु उनमें अखाड़ों की शोभायात्रा नहीं होती। यदि आप भीड़ से बचना चाहते हैं तो पर्व स्नान के दिन अधिक सुविधाजनक रहते हैं।
2016 के सिंहस्थ में उज्जैन में करोड़ों श्रद्धालु आए थे। 2028 का आयोजन दो महीने का है और शासन द्वारा बड़े स्तर पर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, इसलिए संख्या इससे अधिक रहने का अनुमान है।
शाही स्नान के दिनों में शहर में यातायात प्रतिबंधित रहता है, मंदिर मार्ग पर लंबी कतारें लगती हैं और होटल महीनों पहले भर जाते हैं। यदि आपकी प्राथमिकता शांति से पूजा और दर्शन है, तो शाही स्नान से पहले या बाद के दिन चुनना व्यवहारिक रहता है।
सिंहस्थ के दो महीनों में पुजारियों का समय पहले से बुक हो जाता है। रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और कालसर्प दोष निवारण जैसी पूजाओं के लिए तिथि जितनी पहले तय हो, उतना अच्छा।
यदि आप उज्जैन नहीं आ सकते, तो पूजा आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर कराई जा सकती है। बुकिंग निःशुल्क है और पुष्टि ईमेल पर तुरंत मिल जाती है।
सिंहस्थ 2028 का आयोजन 27 मार्च से 27 मई 2028 तक प्रस्तावित है। अंतिम कार्यक्रम प्रशासन द्वारा अधिसूचित किया जाएगा।
तीन प्रमुख शाही स्नान 9 अप्रैल, 23 अप्रैल और 8 मई 2028 को बताए गए हैं।
हर 12 वर्ष में एक बार। उज्जैन में पिछला सिंहस्थ 2016 में हुआ था, इसलिए अगला 2028 में है।
शाही स्नान के दिनों में कतार बहुत लंबी होती है और प्रतीक्षा कई घंटों की हो सकती है। अन्य दिनों में स्थिति सामान्य रहती है।
हाँ। तिथि पहले से सुरक्षित करने पर पुजारी का समय निश्चित रहता है। बुकिंग निःशुल्क है।
दो महीने के आयोजन में पुजारियों का समय जल्दी भर जाता है। तिथि अभी सुरक्षित करें।